
झगराखंड न्यूज ,02/01- ,डाक विभाग द्वारा झगराखंड कॉलरी स्थित उप डाकघर को बंद कर उसे ग्राम केल्हारी में स्थानांतरित किए जाने का निर्णय अब क्षेत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। यह वही झगराखंड उप डाकघर है, जिसने वर्षों तक कॉलरी क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण अंचल को डाक सेवाएं उपलब्ध कराईं।
आज के डिजिटल और सुविधा के युग में जहां सेवाओं को जनता के और नज़दीक लाने की बात की जाती है, वहीं झगराखंड उप डाकघर के बंद होने से स्थानीय नागरिकों को अब डाक सेवाओं के लिए लगभग 3 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। इससे बुजुर्गों, मजदूरों, महिलाओं और आम नागरिकों को सीधी असुविधा झेलनी पड़ेगी। डाक विभाग के आदेश के अनुसार, झगराखंड उप डाकघर के सभी डाकघर बचत बैंक खातों को मनेंद्रगढ़ डाकघर में मर्ज कर दिया गया है तथा क्षेत्र की डाकीय व्यवस्थाओं को केल्हारी उप डाकघर के अंतर्गत कर दिया गया है। इस निर्णय से झगराखंड क्षेत्र की डाकीय पहचान समाप्त हो गई है। यह निर्णय सीधे तौर पर रोजमर्रे की परेशानियो को बढ़ाने वाला साबित होगा l आज जब डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस और सुविधा का युग में जहां डाक विभाग का काम केवल चिट्टियां भेजने की सुविधा तक सीमित नहीं था और उसी दौर में एक पूरे क्षेत्र से डाकघर जैसी मूलभूत सार्वजनिक सेवा का हटाया जाना प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाता है। झगराखंड कॉलरी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही डाक सेवा का इस तरह अंत होना स्थानीय इतिहास का काला अध्याय माना जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों का विरोध, आज शुक्रवार को उठाई आवाज़
झगराखंड उप डाकघर के बंद किए जाने के फैसले के खिलाफ आज शुक्रवार को स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह निर्णय जनहित के विपरीत है और इससे क्षेत्र के हजारों लोगों की दैनिक आवश्यक सेवाएं प्रभावित होंगी। उन्होंने मांग की कि डाकघर को यथावत रखा जाए अथवा वैकल्पिक व्यवस्था झगराखंड क्षेत्र में ही सुनिश्चित की जाए।
लोगों में आक्रोश कार्यालय के सामने लगाए नारे
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि झगराखंड कॉलरी क्षेत्र पहले से ही कई बुनियादी सुविधाओं की कमी झेल रहा है, ऐसे में उप डाकघर का बंद होना क्षेत्र को और पीछे धकेलने वाला कदम है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो आंदोलन की राह अपनाई जा सकती है।झगराखंड उप डाकघर का बंद होना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि एक पूरे क्षेत्र की डाकीय पहचान और सुविधा के अंत का प्रतीक बन गया है, जो आने वाले समय में झगराखंड के इतिहास में एक अहम घटना के रूप में याद किया जाएगा।

👤 सरफराज अहमद
📰 छत्तीसगढ़ के सक्रिय पत्रकार
✍️ पिछले पाँच वर्षों से सामाजिक मुद्दों, भ्रष्टाचार, शिक्षा और विकास कार्यों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
🔎 जनहित और पारदर्शिता के पक्षधर, आरटीआई और जनजागरण से जुड़े कार्यों में गहरी रुचि रखते हैं।
📧 संपर्क: bharatsamay24x7@gmail.com



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